“अब उस भारत का निर्माण हो रहा है जहाँ बाघ और बकरी एक साथ पानी पीते हैं” – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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नागपुर में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा “एकता और विश्वास से महाराष्ट्र का स्वर्णिम युग” अभियान का भव्य शुभारंभ
📍 नागपुर, प्रतिनिधि
द्रौपदी मुर्मू ने नागपुर के जामठा स्थित विश्व शांति सरोवर में ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय अभियान “एकता और विश्वास से महाराष्ट्र का स्वर्णिम युग” का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर आचार्य देवव्रत, ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय माउंट आबू से अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बी.के. मृत्युंजय भाई, युवा प्रभाग की चेयरपर्सन बी.के. चंद्रिका दीदी, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुळे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
🗣️ राष्ट्रपति का संदेश: विश्वास और समानता से ही विकास
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि:
- महाराष्ट्र देश की प्रगति का प्रमुख केंद्र रहा है
- उद्योग, कृषि, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में राज्य अग्रणी है
- विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए
उन्होंने कहा:
👉 “विश्वास में ही भगवान है। सकारात्मकता और आपसी भरोसे से ही राष्ट्र आगे बढ़ता है।”
राष्ट्रपति ने नागरिकों से अपील की कि:
- समानता को बढ़ावा दें
- भेदभाव से दूर रहें
- सहभागिता के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दें
🐅🐐 “बाघ और बकरी साथ पानी पीते थे” – विश्वास का प्रतीक
राष्ट्रपति ने एक प्रेरक उदाहरण देते हुए कहा:
👉 “हम सुनते आए हैं कि बाघ और बकरी एक साथ पानी पीते थे। विश्वास रखें, वह दौर फिर आएगा।”
उन्होंने इसे सामाजिक विश्वास और सौहार्द का प्रतीक बताया।
🇮🇳महान विभूतियों का स्मरण
राष्ट्रपति ने भारत के महान समाज सुधारकों और वीरों का उल्लेख किया:
- छत्रपति शिवाजी महाराज – न्याय और स्वराज के प्रतीक
- महात्मा ज्योतिबा फुले – शिक्षा और समानता के अग्रदूत
- सावित्रीबाई फुले – महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा
उन्होंने कहा कि इन विभूतियों से हमें देशप्रेम, एकता और विश्वास का संदेश मिलता है।
⚙️ सरकारी पहल पर प्रकाश
राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया:
- एक भारत श्रेष्ठ भारत – सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा
- डिजिटल इंडिया – पारदर्शिता और सेवा सुलभता
- DBT (Direct Benefit Transfer) – सीधे लाभ पहुंचाना
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से नागरिकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
🧘 राज्यपाल आचार्य देवव्रत का संदेश
आचार्य देवव्रत ने कहा:
👉 “भारत ने भूखंड नहीं, आत्मा जीतने का कार्य किया है।”
उन्होंने जोर दिया कि:
- एकता और विश्वास से ही प्रगति संभव है
- व्यक्तिगत जीवन की शुद्धता ही सार्वजनिक जीवन को श्रेष्ठ बनाती है
🕊️ आंतरिक शांति से विश्व शांति – बी.के. मृत्युंजय भाई
राजयोगी बी.के. मृत्युंजय भाई ने कहा:
👉 “विश्व शांति की शुरुआत मेरे मन की शांति से होती है।”
उन्होंने बताया कि:
- अशांति का मूल कारण मन की अस्थिरता है
- आंतरिक शांति से ही समाज और विश्व में स्थायी शांति संभव है
💡 आत्मविश्वास का संदेश – बी.के. चंद्रिका दीदी
बी.के. चंद्रिका दीदी ने कहा:
- वर्तमान में जीना आवश्यक है
- आत्मविश्वास ही जीवन की शक्ति है
- हर व्यक्ति में पूर्णता की क्षमता है
👉 “पास्ट बीत गया, भविष्य देखा नहीं—इसलिए वर्तमान में सकारात्मक रहना ही श्रेष्ठ है।”
🚀 तकनीकी और आध्यात्मिक संतुलन – बावनकुळे
चन्द्रशेखर बावनकुळे ने कहा:
- वर्तमान समय तकनीकी और आर्थिक प्रगति का है
- ब्रह्माकुमारीज़ संस्था मानवीय मूल्यों को संरक्षित करती है
- यह अभियान समाज में नई ऊर्जा लाएगा
👥 उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में:
- ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य
- सामाजिक कार्यकर्ता
- जनप्रतिनिधि
- शांति प्रेमी नागरिक उपस्थित रहे